24 घंटे भी नहीं टिक पाई परिषद, पार्षदों के इस्तीफों से राजनीतिक भूचाल
मुंगेली।
नगर पालिका परिषद मुंगेली में एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। अध्यक्ष रोहित शुक्ला द्वारा प्रेसिडेंट इन काउंसिल (PIC) का गठन किए जाने के महज 24 घंटे के भीतर ही पार्षदों के इस्तीफों का सिलसिला शुरू हो गया। इस घटनाक्रम ने न केवल नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि राजनीतिक संतुलन को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
यह पहला मौका नहीं है जब PIC गठन के बाद परिषद में अस्थिरता देखने को मिली हो। इससे पहले भी PIC के गठन के कुछ ही घंटों बाद पार्षदों ने असहमति जताते हुए इस्तीफे दे दिए थे। ताजा मामले में इस्तीफा देने वालों में वरिष्ठ पार्षद और अजय योद्धा माने जाने वाले अरविन्द वैष्णव के साथ अजय साहू, दिलीप सोनी, संजय चंदेल, प्रतिमा कोशले और राम किशोर देवांगन शामिल हैं।
वरिष्ठ पार्षद अरविन्द वैष्णव ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लिखित बयान जारी करते हुए कहा कि परिषद में कांग्रेस पार्षदों की संख्या अधिक होने के बावजूद PIC में भाजपा पार्षदों को शामिल किया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा और कांग्रेस की विचारधाराएं एक-दूसरे से पूरी तरह भिन्न हैं, ऐसे में इस तरह का PIC गठन स्वीकार्य नहीं है। इसी कारण उन्होंने PIC से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
पार्षदों के सामूहिक इस्तीफों के बाद नगर पालिका की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्तापक्ष के भीतर भी असंतोष के सुर सुनाई देने लगे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही इस विवाद का समाधान नहीं निकाला गया, तो इसका सीधा असर नगर के विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों पर पड़ सकता है।
फिलहाल पूरे घटनाक्रम के बाद नगर की राजनीति में अनिश्चितता का माहौल है और सभी की नजरें नगर पालिका अध्यक्ष के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
