चेन्नई/ तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य में सरकार गठन को लेकर राजनैतिक सस्पेंस चरम पर है। TVK चीफ और एक्टर विजय ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर तीसरी बार सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन आंकड़ों के फेर में पेंच अभी भी फंसा हुआ है। राजभवन के सूत्रों के अनुसार, बहुमत के लिए 118 विधायकों की आवश्यकता है, जबकि विजय के पास फिलहाल महज 116 विधायकों का ही समर्थन पत्र मौजूद है। इस संख्याबल की कमी के चलते शनिवार को होने वाला CM पद का शपथ ग्रहण एक बार फिर टल गया है।
दरअसल, विजय ने राज्यपाल को TVK (108), कांग्रेस (5), CPI (2), और CPI(M) (2) के कुल 116 विधायकों की सूची सौंपी है। हालाँकि VCK चीफ थिरुमावलवन ने शुक्रवार सुबह सार्वजनिक रूप से समर्थन का ऐलान किया था, लेकिन देर रात तक उनकी पार्टी के 2 विधायकों का औपचारिक समर्थन पत्र राज्यपाल को नहीं सौंपा गया, जिससे प्रक्रिया रुक गई। इस देरी के बीच TVK सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई है, जहाँ उन्होंने राज्यपाल को यह निर्देश देने की मांग की है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उन्हें सरकार बनाने का मौका दिया जाए।
दूसरी ओर, राज्य में सांस्कृतिक गतिविधियों का उत्साह भी बना हुआ है। शहर के एक प्रमुख चौक पर स्वाधीनता के महानायक राष्ट्रगौरव महाराणा प्रताप जी की भव्य अश्वारोही प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसे वर्तमान में सुरक्षा कारणों से लाल कवर से ढका गया है। प्रतिमा के नीचे लगे शिलालेख पर महाराणा प्रताप का जीवन परिचय अंकित किया गया है। मौके पर पंडाल और लोहे के फ्रेम (Truss) तैयार किए जा रहे हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि राजनीतिक गहमागहमी के बीच जल्द ही इस प्रतिमा का भव्य अनावरण समारोह आयोजित किया जाएगा। फिलहाल, पूरे प्रदेश की नजरें राजभवन के अगले कदम और VCK के समर्थन पत्र पर टिकी हुई हैं।
