मुंगेली। छत्तीसगढ़ में जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है, मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र में जल संकट गहराता जा रहा है। शासन-प्रशासन के तमाम दावों के विपरीत शहर के राजेंद्र वार्ड और विवेकानंद वार्ड में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। आलम यह है कि लोग गंदा और रेतीला पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
दशकों पुराने बोर ने तोड़ा दम, ‘जुगाड़’ की सप्लाई भी फेल
जानकारी के अनुसार, राजेंद्र वार्ड और विवेकानंद वार्ड की जल आपूर्ति राकेश जोशी के घर के सामने स्थित बोर पंप पर टिकी थी। पिछले 2-3 महीनों से इस बोर का जलस्तर गिरने और बोर धंस जाने के कारण सप्लाई ठप हो गई है। कई बार मरम्मत के बावजूद स्थिति जस की तस है, लेकिन नगर पालिका ने यहाँ नया बोर कराने की जहमत नहीं उठाई।
वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बलानी चौक की पाइपलाइन से कनेक्शन जोड़ा गया, लेकिन यह ‘जुगाड़’ भी फेल साबित हुआ। बलानी चौक पर पहले से ही कई मोहल्लों का भार है, अब नए वार्ड जुड़ने से पानी का प्रेशर इतना कम हो गया है कि एक बाल्टी भरने में आधा घंटा लग रहा है। घरों की छत पर रखी टंकियां खाली पड़ी हैं।
नल से बरस रही रेत, बीमारियों का खतरा
मोहल्ला वासियों का आरोप है कि जो थोड़ा-बहुत पानी आ रहा है, वह इतना दूषित और रेतीला है कि उसे पीना तो दूर, नहाने के काम में भी नहीं लाया जा सकता। वार्ड निवासी राकेश यादव जोशी और ईश्वर देवांगन ने बताया कि:
“गंदा और कंकड़ वाला पानी आने से हम बीमार हो रहे हैं। पार्षद और नगर पालिका को कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। हम दूर-दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं।”
