मुंगेली में रैली-प्रदर्शन, “गैस के दाम घटाओ” के नारों से गूंजा शहर
मुंगेली। बढ़ती महंगाई और रसोई गैस (LPG) की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के विरोध में सोमवार को शहर में जोरदार प्रदर्शन किया गया। शहर अध्यक्ष दीपक गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान आम जनता पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को प्रमुख मुद्दा बनाया गया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकाली। “महंगाई कम करो”, “रसोई गैस के दाम घटाओ” जैसे नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। राहगीरों और व्यापारियों ने भी इस विरोध को समर्थन दिया।
शहर अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के चलते आम आदमी का जीवन लगातार कठिन होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रसोई गैस की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से गृहिणियों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। पहले जहां गैस सिलेंडर हर घर की जरूरत आसानी से पूरी करता था, वहीं अब इसकी कीमत गरीब और मध्यम वर्ग के लिए चिंता का विषय बन गई है।
उन्होंने कहा कि महंगाई का असर सिर्फ गैस तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। इससे आम नागरिकों की आय और खर्च के बीच संतुलन बिगड़ गया है। दीपक गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही कीमतों में राहत नहीं दी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि रसोई गैस के दामों में तत्काल कमी की जाए और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को आम जनता के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए और ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को राहत मिल सके।
इस दौरान कई वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण सबसे अधिक प्रभावित गरीब और मध्यम वर्ग ही हो रहा है। उन्होंने सरकार से जनहित में त्वरित निर्णय लेने की मांग की।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस अवसर पर श्याम जायसवाल, आत्मा सिंह क्षत्रिय, रोहित शुक्ला, दिलीप बंजारा, राजेश छेदईया, जीतू श्रीवास्तव, जलेश यादव, संजय ठाकुर, आनंद सोनी, मकबूल खान, आरिफ खोखर, जग्गू ठाकुर, उर्मिला रमेश यादव, नूरजहां खान, मंजू शर्मा, अनीता विश्वकर्मा, निधि पुराणिक, नीरज यादव, रांतरलेजा, अहसान अली, इंद्रजीत कुर्रे, टीपू खान, अजीत गुप्ता, अजय साहू, जय सोनी, लक्ष्मी घृतलहरे, राजेश पात्रे, गौरव सिंह ठाकुर, राहुल यादव, स्वतंत्र मिश्रा, संजय यादव, सागर सोनी, निषाद खान, महेंद्र यादव, राम किशोर यादव, सालिक राम यादव, मनजीत बांधले, अमन बांधले, पुरुषोत्तम सेन, राजू यादव, गोकुल यादव, पप्पू शर्मा, देव साहू, रमेश राजू देवांगन, श्रवण सोनकर, गणेश सोनकर, नारोतम सोनकर, राजेंद्र यादव, प्रभु मल्हा, विष्णु खंडे, रूपदास चतुर्वेदी, मुकेश पात्रे एवं भीमेंद्र देवांगन सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
