मुंगेली/नगर पालिका क्षेत्र के बशीर खान वार्ड में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच पेयजल की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। वार्ड के निवासी पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं और जिम्मेदारों की उदासीनता पर सवाल उठा रहे हैं।
वार्डवासियों के अनुसार पिछले वर्ष उन्होंने पार्षद रामकिशोर नारद देवांगन को पेयजल संकट से अवगत कराया था। इसके बाद समाधान के रूप में एक बोर खनन कराया गया,जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद उस बोर में आज तक मोटर नहीं लगाई गई है। नतीजतन,बोर केवल एक शोपीस बनकर रह गया है और लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी कोमल चौबे,राजू देवांगन,लक्ष्मी और भागा सोनकर सहित अन्य लोगों का कहना है कि जब बोर खनन कराया जा चुका है तो उसमें सबमर्सिबल पंप लगाकर उसे चालू किया जाना चाहिए,ताकि आम जनता को उसका लाभ मिल सके। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन और वार्ड पार्षद से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।
भीषण गर्मी में पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता की अनदेखी ने जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय समस्याओं को दूर करने का वादा कर सत्ता में आने वाले जनप्रतिनिधि बाद में अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेते हैं। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है,जो आज भी अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रही है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक वार्डवासियों को राहत मिल पाती है।
